जैविक खेती की पूरी जानकारी Organic farming in Hindi

जैविक खेती क्या है? इसके लाभ और नुकसान, जैविक खेती करने के तरीके (Organic farming in Hindi, Benefits, Disadvantages, Techniques, Agri Business Idea)

Organic farming information in Hindi (जैविक खेती की जानकरी): आज के इस आर्टिकल में बहुत ही बढ़िया बिज़नस आईडिया के बारे में बात करंगे. जो की भारत के खेती का सुनेहरा भविष्य बताया जाता है. जिसका नाम है Jaivik Kheti यानि की इसे अंग्रजी में आर्गेनिक फार्मिंग (organic farming in Hindi) भी कहा जाता है.

वैसे देखा जाये तो जैविक खेती को तो भारत और चीन ये देश तो सबसे जादा परिचित है. हमारे प्यारे भारत देश में तो इस प्रकार की खेती को तो कुछ १००० सालो से की जाती थी. अपनी देशी गाय न की सिर्फ दूध देने के लिए पालते थे बल्कि उसका गोबर भी अपने खेतो में खाद डालने के लिए भी इस्तमाल होती थी.

पुराने ज़माने में मतलब ६० – ७० साल पहिले तो जो खेती करते थे वो तो विषमुक्त और बिना किसी रासायनिक खातो से की जाती थी. लेकिन जबसे लोकसंख्या का विस्पोट हुआ है तबसे इतने सारे लोगो को भोजन की पुरती करना मुस्किल हुआ तबसे सरकारों ने हाइब्रिड खेती को प्रोमोट करना चालू किया.

इससे इतने बड़े जनसंख्या के खाद्य की समस्या तो मिट गयी, पर लोगो के सेहत पर बुरा असर होने लगा साथ ही पर्यावरण पर बुरा असर हो है. इस कारन फिर से जैविक खेती की जाए इसकी मांग भी हो रही है. और सेहत के प्रति जागरूक लोगो में तो इस तरह के आर्गेनिक प्रोडक्ट्स की मांग भी जादा बढ़ रही है, इस कारन आर्गेनिक प्रोडक्ट्स को बहुत जादा प्राइस भी मिल रही है.

आईये देखते है की हम इस बात का फायदा कैसे ले सकते है और इस बिज़नस आईडिया को कैसे कर सकते है.

सबसे पहिले दखते है की जैविक खेती क्या है?

जैविक खेती क्या है? (What is Organic Farming in Hindi)

जैविक खेती मतलब ये इस प्रकार की खेती है की जिसमे किसी भी प्रकार के रासायनिक खाद और केमिकल से बने कीटकनाशको का इस्तमाल किये बगैर फसलो को उत्पादन लिया जाता है. इस प्रकार के खेती में फसलो को नैसरिक तरीके से उगने पर जोर दिया जाता है, और उत्पादन बढाया जाता है.

तो आप कहेंगे की यदि आप रासायनिक खाद और केमिकल से बने कीटकनाशको का इस्तमाल नहीं करेगे तो उत्पादन कैसे बड़ा पाएंगे इसे आगे देखते है की कैसे आप बिना रासायनिक खाद, केमिकल के organic farming कर सकते है.

जैविक खेती के सिद्धांत

IFOAM (International Federation of Organic Agriculture Movements) इस संस्था के अनुसार कुछ जैविक खेती के सिद्धांत है जो निचे दिए है.

  • स्वास्थ्य को बनाये रखने का सिद्धांत: जैविक खेती का सबसे मुख्य सिद्धांत यह है की खेती करते हुए मिट्टी, पशु, पौधे, पर्यवरण और मनुष्य के स्वास्थ्य को ठीक से बनाये रखना और इसमें सुधार लाना चाहिए.
  • पारिस्थितिक संतुलन का सिद्धांत: जैविक खेती ये पूरी तरह पर्यावरण के पारिस्थितिक संतुलन को बनाये रखने के पक्ष में होती है.
  • इमानदार होने का सिद्धांत: जैविक खेती के विधि में जो भी आता है यानि की उत्पादक, वितरक कंपनी, व्यापारी, उपभोक्ता को पर्यवरण और जीवन के प्रति इमानदार रहने को कहता है.

जैविक खेती का उद्देश्य (Organic Farming in Hindi)

  • जैविक खेती का मुख्य उद्देश्य यह है मिट्टी की उर्वरक शक्ति को नष्ट होने से बचाना और रासायनिक खाद और केमिकल से बने कीटकनाशको का प्रयोग न करते हुए नैसर्गिक तरीके से खेती करना और उत्पादन लेना.
  • मानव, पशु, पर्यवरण का विषयुक्त पदार्थो से होने वाले हानी को कम करना.
  • प्राकृतिक तरीके से बने कीटनाशकों (Natural pesticides) के उपयोग को अधिक बढ़ावा देना.
  • मिट्टी की संरचना, उर्वरता और जैविक विविधता को बनाये रखना, उसे कम होने से बचाना और उसमे लगातार सुधार लाना.

जैविक खेती के लाभ (Benefits of organic farming in Hindi)

  1. इस प्रकार की खेती प्रदुषण के स्थर को कम करके पर्यवरण के स्वास्थ्य को सुधार लाने में मदत करती है.
  2. प्राकृतिक तरीके फसलों को उगने के कारन उत्पादन में घातक तत्त्व नहीं होते इस कारन मानव और पशु के स्वास्थ्य में सुधार आता है.
  3. इसमें प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग सिमित होता है जिसके कारन भविष्य की पीढ़ी के लिए उन्हें संरक्षित करने में मदत करता है.
  4. यह कृषि उत्पादन की लागत को काफी कम करता है
  5. मिट्टी की स्वास्थ्य में सुधार लाता है और उत्पादन की क्षमता को बढाता है.
  6. जैविक खेती मिट्टी की भौतिक गुणों में सुधार लाता है जैसे की, दानेदार बनाना, अच्छी जुताई, फसलो के जड़ो को मिट्टी में आसानी से फलने में मदत और जल धारण क्षमता को बढाना.

जैविक खेती के नुकसान (Disadvantages of Organic Farming in Hindi)

वैसे देखा जाए तो जैविक खेती में नुक्सान के मुकाबले लाभ जादा होते है. फिर भी देखते है इसमें नुकसान कैसे होता है.

  1. जैविक खेती में आधुनिक मशीनों इस्तमाल के बजाय मानवी श्रम की आवश्यकता जादा होती है.
  2. पारंपरिक खेती के मुकाबले जैविक खेती को जादा समय लगता है.
  3. पारंपरिक खेती के मुकाबले जैविक खेती में फसलों की उपज कम होती है.

जैविक खेती करने के तरीके

आम तौर पर खेती में लोग रासायनिक खाद, केमिकल्स, और मशीन का इस्तमाल करके फसल लेते है, लेकिन जैविक खेती करने का तरीका पूरी तरह अलग है. इसमें पारंपरिक तकनीक के साथ साथ मॉडर्न टेक्नोलॉजी का सही तरह गठबंधन होता है.

इस प्रक्रिया में सभी खेती में किये जाने वाली गतिविधियों को जादा से जादा नेचुरल तरीके से करने पर जोर दिया जाता है. ताकि प्रकृति को कम हानी हो उसमे सुधार आये और मृदा का स्वास्थ्य बड़े, जलस्थर बड़े. कम लागत में जादा उत्पादन ले सके. तो देखते है कोनसी तकनीक है जिसके जरिये जैविक खेती कर सकते है.

Organic Farming Techniques in Hindi

  • फसल में विविधता (Crop diversity): इस प्रकार के खेती विभिन्न मौसम के अनुसार, एक ही जगह पर क्रमबद्ध तरीके से विभिन्न प्रकार के फसलो को लेने पर जोर देते है.
  • हरी खाद (Green Manure): इस प्रकार के खाद में खरपतवार, मरे हुए पोधे को उखाड़कर मिट्टी में बदल जाता है और जिससे मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ाने में मदत मिलती है.
  • जैविक कीट नियंत्रण (Biological Pest Control): इस प्रकार के खेती में केमिकल से बने कीटक नाशको के जगा नेचुरल तरीके से बने कीटकनाशको का इस्तमाल किया जाता है.
  • कम्पोस्ट: यह पोषक तत्वों से भरपूर, यह एक पुनर्नवीनीकरण कार्बनिक पदार्थ होता है जिसका उपयोग फसल को उगने के लिए खेतो में उर्वरक रूप में करते है.
  • मृदा प्रबंधन (Soil Management): मृदा बंधन ये जैविक खेती का प्राण है. एक फसल लेने के बाद खेत की मिट्टी अपनी अधिकांश पोषक तत्त्व खो देती है. जिसे सभी पोषक तत्वों के साथ रिचार्ज करना होता है, यही प्रक्रिया को मृदा प्रबंधन कहते है.
  • आर्गेनिक फार्मिंग में मृदा को नेचुरल तरीके से रिचार्ज किया जाता है ताकि मिट्टी की उर्वरता बड़े. इसके लिए पशु अपशिष्ट (Animal Waste) को इस्तमाल होता है. ये मिट्टी के पोषक तत्वों को पूरा करते है.

इस प्रकार की खेती से खेती की उत्पादकता कही प्रतिशत बढ़ती है, लागत भी कम आती है, और पर्यवरण को भी कम हानी होती है. ऐसे खेती करने से विषमुक्त खाना मिलता है जिसे स्वास्थ्य में भी सुधार आता है.

जिस कारण इसके आर्गेनिक उत्पादनों की मांग भी बढ़ती जा रही है. मार्किट में आम कृषि फसलो से जादा भाव आर्गेनिक फसलो को मिलता है. जी कारन पढ़े लिखे युवक भी आर्गेनिक खेती करके अच्छा खासा पैसा कम रहे है.

Organic farming Business in Hindi

यदि आप organic farming से प्रभावित है तो आपको ये बिज़नस जरूर करना चाहिए. ये करने के लिए आप बहुत सारे जैविक खेती सरकारी योजना का फायदा ले सकते है. जो की राज्य के अनुसार अलग अलग है. जिसमे आपको कुछ अनुदान भी मिल सकता है.

organic Products को आप अच्छी ब्रांडिंग करके मार्किट में बेच सकते है. आर्गेनिक प्रोडक्ट्स के फायदों से लोग परिचित हो गए है जिससे इसकी मांग दिन प्रति दिन बढ़ रही है. इस कारन मार्किट में organic Products को आम खेती के प्रोडक्ट्स मुकाबले जादा कीमत मिलती है. जिसके कारन ये बिज़नस में बहुत जादा प्रॉफिटेबल हो सकता है.

निष्कर्ष (Conclusion):

हमने इस पोस्ट में जैविक खेती (Organic farming in Hindi) की जानकारी ली. साथ ही आप इसका कैसे बिज़नस कर सकते है ये भी आपने जान लिया. यदि आपके मन में इस पोस्ट के प्रति कुछ सवाल हो तो कमेंट बॉक्स में जरूर पूछे. आर्टिकल आपको कैसे लगा कमेंट करके जरूर बताये, और अपने दोस्तों को भी शेयर करे.

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FAQ

ऑर्गेनिक खेती की शुरुआत कैसे करें?

सबसे पहिले किसनों को मृदा परीक्षण करवाना चाहिए. इसके लिए वो अग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से या प्राइवेट लैब से भी कर सकते. जिससे उन्हें अपने खेती की मिटटी की हेल्थ की सही जानकारी मिल सकती है और उन कमियों को दूर
करने के लिए सही कदम ले सकते है.

जैविक खेती की आवश्यकता क्यों है?

पारंपरिक खेती जो की रासायनिक खाद, जहरेली केमिकल्स कीटक नाशक और मशीन होती है, इससे मानव, पशु, पर्यावरण को हानि पोचती है.और ये खेती करने के लिए लगात भी बढ़ है जिस कारन किसनों की आमदनी घट रही है.
लेकिन जैविक खेती के बहुत से फायदे है जैसे की इस कम खर्चा आता है. और इसके उत्पादन भी स्वास्थ्य को अच्छे है और पर्यावरण को भी इससे फायदा होता है.

भारत का सबसे पहला जैविक खेती पर आधारित राज्य कौन सा है?

भारत का जैविक खेती पर आधारित सबसे पहिला राज्य सिक्किम है

ऑर्गेनिक खेती में क्या क्या आता है?

ऑर्गेनिक खेती में १) फसल में विविधता २) हरी खाद ३) जैविक कीट नियंत्रण ४)कम्पोस्ट ५) मृदा प्रबंधन ये सब आता है, जो की बहुत ही महत्वपूर्ण है.

कार्बनिक खेती क्या है इसका क्या आधार है?

कार्बनिक खेती इसे जैविक खेती (organic farming) के नाम से भी जाना जाता है. इसमें रासयानिक और केमिकल से बने पदार्थो का बिलकुल भी इस्तमाल नहीं होता इसके जगह पर जैविक खाद और नेचुरल कीटक नाशक का इस्तमाल होता है जिसे
पर्यावरण और मनुष्य के स्वास्थ्य में सुधार आता है.

प्राकृतिक खाद कोनसी है?

खेत में पढ़ा कूड़ा कचरा, गोबर, पेड़ पौधों के पक्तो से स्वय: विघटन होकर जो खाद बनती है उसे प्राकृतिक खाद कहते है.

सन्दर्भ: https://en.wikipedia.org/wiki/Organic_farming

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