भारत के सबसे बड़े दानवीर अज़ीम प्रेमजी की कहानी Azim Premji Biography in Hindi

Azim Premji Biography in Hindi | Azim Premji donation| पुरस्कार और सन्मान | Azim Premji Quotes

दोस्तों आपको तो पता है की आज पैसों का महत्व कितना बढ़ गया है. हर कोई पैसा कमाना चाहता है और आमिर बनना चाहता है. आज बहुत सारे लोग पैसे कमाते है और आमिर बन जाते है. पैसा कमाना आसान होता है लेकिन उसके साथ मान-सन्मान कमाना उतनाही मुश्किल होता है.

आज की दुनिया में पैसा तो हर कोई कमाता है लेकिन पैसों के साथ साथ मान-सन्मान और लोगों का प्यार बहुत ही कम लोगों को मिलता है.

हमारे देश में पैसों से आमिर बहुत सारे लोग है लेकिन मुश्किल समय में देश के काम आने वाले और लोगो का प्यार पाने वाले कुछ गिने चुने ही लोग है. इन्ही लोगों के लिस्ट में से एक महान और दानवीर उद्योगपति का परिचय हम आज के इस आर्टिकल में कराने वाले है. जिनका नाम है Azim Premji. जिनको भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में कई लोग जानते है. अज़ीम प्रेमजी एक भारतीय बिज़नस मन, इन्वेस्टर, दानवीर है और Wipro Ltd कंपनी के सीईओ है.

पूरा नाम अज़ीम हाशिम प्रेमजी
जन्म दिन और स्थान July 24, 1945, मुंबई
राष्ट्रीयत्व भारतीय
व्यवसाय बिज़नस मन, Investor, Founder of WIPRO
कुल सम्पति Net WorthUS $29.0 Billion (24 April 2021)

अज़ीम प्रेमजी का जीवन परिचय (Azim Premji ki history)

Azim Premji का जन्म २४ जुलाई १९४५ मुंबई के मुस्लिम परिवार में हुआ था. इनके पूर्वज गुजरात के कछ के निवासी थे. इनके पिता मुहम्मद हाशिम प्रेमजी एक प्रसिद्ध व्यवसायी थे, जिनको लोग ‘राइस किंग ऑफ़ बर्मा ‘ के नामं से जानते थे. सन १९४५ में उन्होंने महाराष्ट्र के जलगाँव जिले में ‘Western Indian Palm Refined Oil Limited की स्थापना की.

यह कंपनी वनस्पति आयल (sunflower oil) और साबुन का निर्माण करती थी. उनकी कंपनी अच्छी चल रही थी. तभी देश का बटवारा हो गया. भारत और पाकिस्थान के विभाजन के बाद पाकिस्थान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्नाह ने पाकिस्थान आने का ऑफर दिया था. पर उन्होंने उसे नकार देकर भारत में ही रहने का फेसला किया.

वो अमेरिका के Stanford University में अपनी इंजीनियरिंग की पढाई कर रहे थे. इसी बिच सन १९६६ में एक दिन उनके माता का फ़ोन आया और उनके पिता मुहम्मद हाशिम प्रेमजी के देहांत की खबर उनको बताई. इस कारन अपनी इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढाई बिच में ही छोड़कर Azim Premji भारत वापस लौट गए. उस समय उनकी उम्र मात्र २१ साल थी.

“If people are not laughing

at your goals,

your goals are too small.”

~Azim Premji

Azim Premji द्वारा Wipro की नयी शुरुवात

पिताजी के देहांत के बाद उनकी कंपनी की जिम्मेदारी अज़ीमजी ने अपने सर ले ली. उस वक्त उनकी कंपनी सिर्फ एक वेजिटेबल आयल कंपनी थी. जिसकी तस्वीर अज़ीम प्रेमजी ने कुछ सालों में ही बदल दी. जिस समय उन्होंने पिताजी की वेजिटेबल आयल कंपनी हाथ में ली तब उस कंपनी की वैल्यू सिर्फ ७ करोड़ थी.

जब उन्होंने कंपनी की जिम्मेदारी ली थी तब उनके सामने यह एक बड़ी चुनोती थी क्यूंकि उनको बिज़नस का जादा नॉलेज और अनुभव नहीं था. उस वक्त उन्होंने बहुत हिम्मत से काम लिया और कंपनी को अच्छी तरह से संभाला. अज़ीम प्रेमजी ने कंपनी की पॉलिसी, तकनीक और प्रोडक्ट्स में बदलाव लाकर कंपनी को बेहतर बनाया और कंपनी को तेजी से आगे बढाया.

उन्होंने अपने दूरदृष्टि के साथ यह जान लिया था की, आगे चलकर IT और कंप्यूटर क्षेत्र ही सबका भविष्य बनने वाला है. तभी उन्होंने एक बड़ा कदम लिया और साल १९८० में अपनी वेजिटेबल आयल और साबुन बनाने वाली कंपनी को IT कंपनी में बदल दिया. और अपनी कंपनी का नाम छोटा करके Wipro रख दिया. बाद में Wipro ने कम्पूटर बनाना और सॉफ्टवेर सर्विसेस भी शुरू किया.

इसके साथ उन्होंने अपनी बिच में छोड़ी हुई इंजीनियरिंग की पढाई को फिर से शुरू कि और स्टनफोर्ड यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की. Azim Premji ने Wipro को आगे बढ़ाने के लिए खूब मेहनत ली. जिसके चलते wipro एक ग्लोबल आईटी कंपनी बन चुकी है और आज उनकी कंपनी की वैल्यू 1.8 लाख करोड़ रूपए है.

आज पूरी दुनिया में ११० से जादा देशों में Wipro ने अपने आईटी और सॉफ्टवेर बिज़नस का विस्तार किया है. Wipro पुरे दुनिया में 1.5 लाख से जादा लोगों को रोजगार देती है.

अज़ीम प्रेमजी की दानशूरता का परिचय (Azim Premji donation)

भारत देश में बहुत सारे आमिर लोग है लेकिन इनमे से बहुत ही कम लोग अजीम प्रेमजी की तरह दानशूर है. भारत देश में सबसे जादा दान देने वाले लोगो में से एक अजीम प्रेमजी है. उन्होंने देश के कठिन समय में हमेशा मद्दद की है. लेकिन उससे भी जादा उन्होंने शिक्षा क्षेत्र को अच्छा योगदान दिया है और इसके साथ साथ अपनी सम्पति का बड़ा हिस्सा दान करके गरीबों का जीवन सुधारा है.

1.अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन की स्थापना

Azim Premji हमेशा देश के शिक्षा क्षेत्र के उन्नंती के लिए अपना योगदान देते आए है. समाज में शिक्षा के स्तर में बढ़ाव और सुधार लाने के लिए उन्हों ने साल २००१ में अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन की स्थापना की.
इसकी शुरूवात में ही उन्होंने करीब 2.2 अरब डॉलर इस फाउंडेशन के लिए दान कर दिए थे. जिस पैसों को गरीब के कल्याण, बच्चो की शिक्षा और धार्मिक कार्य में लगाया जाता है.

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2. द गिविंग प्लेज

अज़ीम प्रेमजी द गिविंग प्लेज में शामिल होने वाले पहले भारतीय है. द गिविंग प्लेज एक ऐसा अभियान है, जो की दुनिया के सबसे अमीर लोगों को अपनी संपत्ति का जादातर हिस्सा समाज के हित के लिए दान करने के लिए प्रोत्साहित करता है. यह वारेन बुफ्फेत और बिल गेट्स द्वारा शुरू किया गया एक अच्छा अभियान है.

सन २०१३ में द गिविंग प्लेज के अंतर्गत अज़ीम प्रेमजी ने अपनी संम्पति का २५ प्रतिशत भाग दान कर दिया है और अतिरिक्त २५ प्रतिशत अगले ५ सालों में दान करने वाले है.

अज़ीम प्रेमजी Covid-19 के महामारी के काल में भी पीछे नहीं रहे. इस काल में भी उन्होंने अपने दानशुरता का परिचय कराया. जबकि देश के सारे हॉस्पिटल पेशेंट से फुल हो चुके थे. और नए मरीजों को अस्पताल में एडमिट करने के लिए बेड नहीं बचे थे. उस वक्त प्रेमजी ने अपने कई wipro के ऑफिस को Covid सेंटर पे परावर्तित किया और लोगों को मद्दद की.

अज़ीम प्रेमजी ने अब अपनी कंपनी से रिटायरमेंट लिया है. दानशूर होने के साथ साथ वो एक सच्चे नेक दिल इंसान है. जो की हमेशा लोगों की मदद के लिए तत्पर रहते है.

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पुरस्कार और सन्मान

Azim Premji ने इतने अच्छे काम किये है की उनको कितने भी सन्मान और पुरस्कार देंगे तो वो भी कम है. उनके समाज के प्रति प्रेम, परोपकार और अच्छे दान कर्म की वजह से उन्हें बहुत सारे पुरस्कार प्राप्त हुए है.
बिज़नस वीक के द्वारा अज़ीम प्रेमजी को एक महानतम बिजनेसमैन में से एक कहा है.

  1. सन २००० – मनिपाल अकादमी द्वारा ” डॉक्टरेट की मानद उपाधि” सन्मान
  2. सन २००५ – भारत सरकार द्वारा “पद्म भूषण “पुरस्कार
  3. सन २००६- राष्ट्रीय औद्योगिक इंजीनियरिंग संस्थान मुंबई द्वारा “लक्ष्य बिज़नेस विजनरी ” पुरस्कार
  4. सन २००९ – वेस्लेयान विश्वविद्यालय द्वारा ” डॉक्टरेट की मानद उपाधि ” सन्मान
  5. सन २०११ – भारत सरकार द्वारा “पद्म विभूषण “पुरस्कार
  6. सन २०१३ -” इकनोमिक टाइम्स अचीवमेंट अवार्ड” पुरस्कार
  7. सन २०१५ – मैसूर विश्वविद्यालय द्वारा ” डॉक्टरेट की मानद उपाधि” सन्मान

Azim Premji Quotes

  1. दो बार सफलता मिलती है. एक बार मन में और दूसरी बार वास्तविक दुनिया में..
  2. जिन तीन साधारण चीजो पर हम अक्सर ध्यान नहीं देते है, लेकिन मुझे लगता है की सभी सफलता के चालक है, कड़ी मेहनत, द्रुढता और बुनियादी ईमानदारी.
  3. उत्कृष्टता उतनी ही मजबूत हो सकती है जितनी की ढोस दृष्टी.
  4. लोग सफलता या असाधारण सफलता की कुंजी है.
  5. उत्कृष्टता किसी भी नए संगठन के लिए एक शानदार प्रारंभिक बिंदु है, लेकिन ये एक अनंत चलनेवाली यात्रा भी है.

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