म्यूच्यूअल फण्ड क्या है? इन्वेस्टमेंट कैसे करे? Mutual fund in Hindi

आपने ने अक्सर म्यूच्यूअल फण्ड का नाम टीवी पर, लोगो से बात करते हुए सुना ही होगा. आपके मन में यह प्रश्न अवश्य होगा आखिर ये म्यूच्यूअल फण्ड होता क्या है? चलो तो आज के टॉपिक में जान ही लेते है की म्यूच्यूअल फण्ड (Mutual Fund in Hindi) क्या है? म्यूच्यूअल फण्ड के प्रकार, इन्वेस्टमेंट के लिए म्यूच्यूअल सही है क्या? म्यूच्यूअल फण्ड में इन्वेस्टमेंट कैसे करे?

“खर्च करने के बाद जो बचता है उसे मत बचाइए

बल्कि बचत करने के बाद जो बचाता है उसे खर्च कीजिए “

-Warren Buffett

बहुत से लोगो को लगता है की म्यूच्यूअल फण्ड से केवल स्टॉक मार्किट में ही इन्वेस्ट कर सकते है बल्कि ऐसा नहीं है आप म्यूच्यूअल फण्ड से बहुत अलग अलग जगह इन्वेस्ट कर सकते है.

चलो तो सबसे पहिले Mutual Fund kya hai? (What is Mutual Fund in Hindi) देखते है.

म्यूच्यूअल फण्ड क्या है? (Mutual Fund in Hindi)

Mutual Fund in Hindi

मान लीजिए आपको किसी दूर जगह गुमने जाना है तो आपको क्या चाहिए? आपके पास एक कार चाहिए और औपको जिदर जाना है उसका रास्ता पता होना चाहिए और सबसे जरूरी बात आपको कार ड्राइविंग आनी चाहिए।

वही आप अपने दोस्तों के साथ जाते है और साथ ही कार चलाने को कुशल ड्राइवर भी होता है। जिसको रास्ता पता है। तो आपको कार चलने की जरूरत भी नहीं, रास्ता पता नहीं होगा तो भी चलेगा और कार का खर्चा भी प्रति व्यक्ति कम लगेगा.

म्यूच्यूअल फण्ड एक तरह का वित्तीय वाहन ही है जो की जो कई समान उद्देश्य वाले निवेशकों से एकत्र किए गए पैसे से बना होता है और जिसके जरिये सिक्योरिटीज में जैसे की स्टॉक्स, बांड्स, गोल्ड, और अन्य सम्पत्ति में इन्वेस्ट किया जाता है। म्यूच्यूअल फंड्स Asset management company (AMC) द्वारा निर्मित किये जाते है।

आसान भाषा में कहे तो आप आपना पैसा AMC को देते हो और आप जैसे बहुत सारे लोगो से AMC पैसा कलेक्ट करती है। तो ये सारा पैसा वो कंपनी अपनी एक्सपर्ट (Professional Fund Manager) की राय लेकर अलग अलग जगह इन्वेस्ट करती है।

जो सारी जगह इन्वेस्ट किया हुआ पैसे से जो कलेक्टिव इनकम होता है उसका कुछ छोटा हिस्सा (१ -३%) वो AMC कंपनी रख लेती है। और बाकि सारा पैसा आपको मिल जाता है। उस return rate के हिसाब से जो छोटा हिस्सा AMC रख लेती हे उसे Expense ratio के नाम से भी जाना जाता है।

History of Mutual fund in India

वैसे माना जाता है की विश्व में म्यूच्यूअल फण्ड की शुरवात यूरोप में सन १७०० के में हुयी थी। और भारत में इसकी शुरवात १९६३ में हुए है जब की भारत सरकार और रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया RBI के द्वारा यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया UTI का गठन किया गया था।

1963 में, UTI की स्थापना संसद के एक अधिनियम द्वारा की गई थी। उस वक्त यह भारत में म्यूचुअल फंड की पेशकश करने वाली एकमात्र entity थी, इसलिए इसकी मार्किट में monopoly थी। ऑपरेशनल रूप से UTI को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा स्थापित किया गया था, लेकिन बाद में RBI से हटा दिया गया था।

1970 और 80 के दशक में, UTI ने निवेशकों की विभिन्न वर्गों की जरूरतों के अनुरूप विभिन्न योजनाओं को नया रूप देना और पेश करना शुरू किया। यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (ULIP) 1971 में शुरू किया गया था। UTI की निवेश योग्य निधि 1984 में लगभग 600 करोड़ रुपये थी जो की चार साल में 10 गुना बढ़कर 6,700 करोड़ रुपये हो गई थी।

१९८७ साल बाद भारत सरकार ने कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और संस्थानों को म्यूचुअल फंड स्थापित करने की अनुमति दी गई थी। भारतीय स्टेट बैंक ने नवंबर 1987 में पहला गैर-यूटीआई म्यूचुअल फंड, SBI म्यूचुअल फंड स्थापित किया। इसके बाद कही सारे सार्वजनिक बैंको ने अपने म्यूच्यूअल फण्ड स्कीम्स मार्किट में लाये।

1993 में म्यूचुअल फंड उद्योग में एक नए युग की शुरुआत हुयी क्युकी १९९३ के साल में आपने देश ने उदारीकरण का रास्ता स्वीकारा तो विदेशी फंड प्रबंधन कंपनियों को भी म्युचुअल फंडों को संचालित करने की अनुमति दी गई। कही सारे विदेशी कंपनी भारतीय प्रमोटरों के साथ अपने संयुक्त उपक्रम के माध्यम से भारत में आ रहे थे।

Mutual Fund में NAV क्या होता है?

NAV यानि की Net asset value ये म्यूच्यूअल फण्ड का यूनिट है।
जैसे स्टॉक के संदर्ब में स्टॉक प्राइस होती है उसी तरह म्यूच्यूअल फण्ड के संदर्ब में एक यूनिट की कीमत उसकी NAV इतनी होती है।

मतलब आप जो भी म्यूच्यूअल फण्ड खरीदते या बेचते है तो आप NAV के प्राइस पर ही खरीदते या बेचते है। NAV की प्राइस रोज हर वक्त बदलती रहती है।

म्यूच्यूअल फण्ड के प्रकार (Types of Mutual fund in Hindi)

म्यूच्यूअल फंड्स बहुत सारे प्रकार के होते जिसमे से कुछ महत्व पूर्ण प्रकार निचे दिए है।

A) Asset के आधार पर म्यूच्यूअल फण्ड के प्रकार

1) Equity Mutual Fund

इक्विटी म्यूच्यूअल फंड्स मतलब वो फण्ड होते हे जो स्टॉक मार्किट में इन्वेस्ट करते है। इस टाइप को आपको अच्छेसे समजने के लिए आपको शेयर मार्किट बेसिक को समजना होगा। इसके लिए मेरा शेयर मार्किट बेसिक्स इस आर्टिकल को पढ़ सकते है।

>>  शेयर मार्किट की सभी बेसिक जानकारी 

इक्विटी म्यूच्यूअल फण्ड के भी कुछ प्रकार होते है, जैसे की
१) Large cap fund
२) Mid cap Fund
३) Small cap fund
४) Sector Fund
५) Diversified equity fund
६) Dividend yield schemes
७)ELSS
८)Thematic Fund

2) Debt Mutual Fund

Goverment या कंपनी Debt instrument के जरिये पैसा उधार लेते रहते है और ब्याज के साथ वापस करते है। जो फण्ड Debentures, Bond, Certifiate of Deposite इनमे इन्वेस्ट करते है उनको Debt Mutual Fund कहा जाता है। इन फण्ड में इन्वेस्ट करना इक्विटी फण्ड के तुलना में कम रिस्क होता है और return भी कम होता है।

डेब्ट म्यूच्यूअल फंड्स भी और कुछ प्रकार के होते है जैसे की,

  1. GILT Fund
  2. Junk Bond Schemes
  3. Fixed Maturity Plans
  4. Liquid Schemes

3) Hybrid mutual Fund

हाइब्रिड म्यूच्यूअल फण्ड यानि वो फण्ड होते जो equity और debt दोनों में भी इन्वेस्ट करते है। हमने देखा है की equity MF में रिटर्न्स ज्यादा और रिस्क भी ज्यादा होती है। और debt MF में रिस्क कम और रिटर्न्स भी कम होते है। इसलिए हाइब्रिड म्यूच्यूअल फण्ड में रिटर्न्स और रिस्क इन दोनों कभी अच्छा संतुलन होता है।

हाइब्रिड म्यूच्यूअल फण्ड भी कुछ प्रकार के होते है जैसे की

  1. Monthly Income plan
  2. Balanced Fund
  3. Arbitrage Fund

B) संरचना (Structure) के आधार पर म्यूच्यूअल फंड्स के प्रकार

आप जो भी म्यूच्यूअल फंड्स में इन्वेस्ट करते हो, वो एक तो Open ended Mutual Funds या Close ended Mutual Funds ही होते है।

1) Open ended Mutual Funds

इस प्रकार के म्यूच्यूअल फंड्स में investor कभी भी म्यूच्यूअल फंड्स के यूनिट्स खरीद या बेच सकते है। इस प्रकार में liquidity ज्यादा होने के कारन इस प्रकार के म्यूच्यूअल फंड्स को लोगो की ज्यादा पसंद होती है। इसके कारन ज्यादा तो म्यूच्यूअल फंड्स open ended ही होती है।

2) Close ended Mutual Funds

इस प्रकार के म्यूच्यूअल फंड्स को इन्वेस्टर्स एक विशिष्ट समय के अवधि में ही खरीद या बेच सकते है यानि की जब उस ऑफर की NFO ( New Fund Offer) होती तभी उसमे इन्वेस्ट कर सकते है और इन्वेस्ट करने के बाद कभी भी उस म्यूच्यूअल फण्ड के स्कीम के यूनिट बेच नहीं सकते।

यूनिट्स बेचने के लिए आपको उस स्कीम की maturity तक रुकना होता है। इस स्कीम की liquidity कम होने के कारन ये मार्किट में बेचना इतना आसान नहीं होती और इसलिए ये लोगो में कम पॉपुलर है।

म्युचुअल फंड के फायदे और नुकसान (Advantages and disadvantages of Mutual Fund in Hindi)

म्यूचुअल फंड के लाभ (Benefits of Mutual fund in Hindi )

म्यूच्यूअल फण्ड के बहुत सारे फायदे होते है जिसमे से कुछ निचे दिए हे
1) Minimal investment requirement
म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने के लिए बढ़ी रक्कम की आवश्कत नहीं होती, आप छोटी रकम से भी शुरवात कर सकते है।

2) Professional Management
जैसे की हमने देख की म्यूच्यूअल फण्ड में एक्सपर्ट्स के जरिये ही मार्किट पैसा इन्वेस्ट किया जाता है। इस के कारन निवेशकों को मार्किट की बहुत ज्यादा समझ की आवश्यकता नहीं होती है।

3) Diversification
जोखिम को कम करने के लिए एक पोर्टफोलियो में निवेश और परिसंपत्तियों का मिश्रण के होने का फायदा है।

4) Tax Benefits
टैक्स सेवर म्यूचुअल फंड में किए गए निवेश को धारा 80C के तहत टैक्स से छूट मिलती है।
5) म्यूचुअल फंड में निवेश Lum Sum या instalments में भी किया जा सकता है।

6) Liquidity
म्यूचुअल फंड जो lock-in periods में नहीं होते वो जरूरत पड़ने पर liquidity पेशकश कर सकते हैं। मतलब जरूरत पड़नेपर आप स्कीम्स से बहार निकल के पैसे ले सकते है।

8) विविधता और पसंद की स्वतंत्रता
निवेशक अपनी जोखिम का स्तर सुनिश्चित करके उसके अनुसार कम, मध्यम और उच्च रिस्क वाले म्यूच्यूअल फण्ड में इन्वेस्ट कर सकता है।

7) SIP (Systematic Investment Plan)

निवेश करने के लिए SIP (Systematic Investment Plan) किया जा सकता है, जिसमे आपके बैंक अकाउंट से हर महीने कुछ रक्कम म्यूचुअल फंड की ओर भुगतान किया जाता है।

म्यूचुअल फंड निवेश के नुकसान

उतार-चढ़ाव भरा रिटर्न (Fluctuating Returns )
म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करने नुकसान का कारन ये है की इसमें Fixed deposit (FD) के तुलना में रिस्क का ज्यादा होती है। हमने देख ही है की म्यूच्यूअल फण्ड मार्किट में निवेश करते है इसके कारन म्यूच्यूअल फण्ड की वृद्धि मार्किट के प्रदर्शन पर निर्भर होती है।

म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश कैसे करे? (How to invest in mutual fund in Hindi)

आपने रिस्क और रिटर्न्स को ध्यान में रखते हुए आपने किसी एक टाइप का म्यूच्यूअल फण्ड सेलेक्ट किया होगा। तो अभी हम देखते है की आखिर में कैसे MF में निवेश कर सकते है?

५०० रुपए से भी म्यूच्यूअल फंड्स में निवेश करना चालू कर सकते है। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से आप MF में निवेश कर सकते है।

मार्किट में कही वेबसाइट और APP है जिसके मदत से आप आसानी से म्यूच्यूअल फण्ड इन्वेस्ट (mutual fund in Hindi) कर सकते है और साथ ही ट्रैक भी कर सकते हे की आपका म्यूच्यूअल फण्ड कैसा परफॉर्म कर रहा है। निचे कुछ अच्छे म्यूच्यूअल फण्ड निवेश के लिए अप्प के नाम दिए है उनमे Signup करके आप निवेश करना चालू कर सकते है।

  1. Groww App
  2. Zerodha Coin
  3. myCAMS Mutual Fund App
  4. ETMONEY Mutual Fund App
  5. PayTM Money Mutual Funds App

आईपीओ क्या होता है? IPO से जुडी महत्वपूर्ण जानकारी

आज के पोस्ट में बस इतना ही। उम्मीद करता हु आपको म्यूच्यूअल फंड्स के सभी बेसिक (Mutual Fund in Hindi) जानकारी इस आर्टिकल के जरिये मिली होंगी। दोस्तों आपको ये पोस्ट कैसा लगा कमेंट करके जरूर बताएगा, और अपने सभी दोस्तों को भी फेसबुक, व्हाट्सप्प पे जरूर शेयर करे।

सन्दर्भ:

https://hi.wikipedia.org/

https://www.sebi.gov.in/

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